महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या की, विपक्ष ने मोदी के PR पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या की, विपक्ष ने मोदी के PR पर उठाए सवाल | NewsViewer.in

मुंबई : महाराष्ट्र विधान परिषद में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2025 के बीच 767 किसानों ने आत्महत्या की। इस चौंकाने वाले आंकड़े के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि वे “किसानों की दुर्दशा” की अनदेखी कर अपने प्रचार और पीआर में व्यस्त हैं।

विदर्भ से सर्वाधिक आत्महत्याएं

विदर्भ क्षेत्र के अमरावती, यवतमाल, अकोला, वाशीमबुलढाणा जिलों से सबसे अधिक 257 आत्महत्या के मामले सामने आए। ग्रामीण इलाकों में कर्ज़, फसल नुकसान, और सरकारी मदद की कमी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

सिर्फ 373 परिवारों को मिला मुआवज़ा

767 आत्महत्या मामलों में से सिर्फ 373 परिवारों को ही ₹1 लाख की आर्थिक सहायता200 मामले खारिज194 मामले अभी जांच के अधीन

राहुल गांधी का हमला: “सिस्टम ही किसानों की जान ले रहा है”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “767 किसानों ने जान दी और प्रधानमंत्री मोदी जी अपने PR तमाशे में व्यस्त हैं। सिस्टम ही अब किसानों की जान ले रहा है।”

राहुल गांधी ने यह भी मांग की कि सरकार कृषि उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनन गारंटी

भाजपा का पलटवार

बीजेपी ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस और NCP के शासन काल में 55,000 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्याPM किसान योजना, फसल बीमा योजनाकर्ज माफी

विशेषज्ञों की राय: ज़मीनी सुधार ज़रूरी

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ मुआवज़ा देना समाधान नहीं है। ये सुझाव सामने आए हैं:

  • MSP को कानूनी रूप देना
  • फसल बीमा की समय पर राशि देना
  • मानसिक स्वास्थ्य सहायता ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध कराना
  • सिंचाई और भंडारण सुविधाओं का विस्तार करना

आंकड़ों के पीछे की सच्चाई

2024 में महाराष्ट्र में कुल 2,635 किसानों ने आत्महत्या की थी। अब 2025 के पहले तीन महीनों में ही 767 मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है। यह दर्शाता है कि संकट गहराता जा रहा है।

क्या है तत्काल ज़रूरत?

इस समय देश को चाहिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और दीर्घकालीन रणनीति, ताकि किसान आत्महत्याओं की यह भयावह स्थिति बदली जा सके। सिर्फ मुआवज़ा नहीं, संरचनात्मक सुधार आपकी राय क्या है? किसान आत्महत्या और MSP जैसे मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट करें, या हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें ताज़ा अपडेट्स के लिए।

Tags: किसान आत्महत्या 2025, महाराष्ट्र किसान, राहुल गांधी मोदी PR, MSP कानून, कृषि संकट भारत, विदर्भ किसान आत्महत्या

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