महाराष्ट्र के शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कोल्हापुर में हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने पूर्व सांसद राजू शेट्टी समेत 400 से अधिक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय महामार्ग (NH-4) पर आंदोलन और यातायात बाधित करने का आरोप है।
प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे योजना का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को जोड़ना है, लेकिन किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह परियोजना जमीन अधिग्रहण, विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान
राजू शेट्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की आपत्तियों की अनदेखी की है। कोल्हापुर में आंदोलन के दौरान कई किसानों ने भावुक होकर कहा – “पहले हमारी जान लो, फिर ज़मीन ले लो“।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति
प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू करने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर रास्ता रोको आंदोलन किया। इसके बाद शिरोली एमआयडीसी थाने में 400 से अधिक लोगों पर IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्रमुख नाम जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई:
- राजू शेट्टी – पूर्व सांसद एवं किसान नेता
- ऋतुराज पाटिल – पूर्व विधायक
- राजू आवळे – स्थानीय नेता
- विजय देवणे – किसान कार्यकर्ता
अन्य जिलों में भी प्रदर्शन
सांगली और परभणी जिलों में भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध हुआ। सांगली में सांसद विशाल पाटिल सहित 50 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
प्रदर्शनकारियों की मांगें
किसानों की प्रमुख मांग है कि इस महामार्ग परियोजना को रद्द किया जाए या फिर मार्ग को ऐसे क्षेत्रों से गुजारा जाए जहाँ खेती योग्य ज़मीन और बस्तियाँ न हों। साथ ही वे पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों
सरकार का पक्ष
सरकारी सूत्रों के अनुसार परियोजना को सभी वैधानिक मंज़ूरी मिल चुकी है और भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ही कार्यवाही की जा रही है। हालांकि विरोध बढ़ने के कारण सरकार पुनरावलोकन बैठक “हम विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह हमारे खेत और घर उजाड़कर नहीं होना चाहिए।” – एक प्रदर्शनकारी किसान
आगे क्या?
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों के चलते तनाव और बढ़ने की आशंका है। कई किसान संगठनों ने जलसमाधि आंदोलनआषाढी एकादशी पर पंढरपुर पैदल यात्रा
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