🏏 कोच के रूप में गंभीर की परीक्षा, टेस्ट में कमजोर प्रदर्शन बना चिंता का कारण
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके आक्रामक स्वभाव की नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में उनके नेतृत्व और रणनीति की हो रही है। इंग्लैंड में हाल ही में भारत की हार के बाद गंभीर की टेस्ट रिकॉर्ड पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके कार्यकाल में अब तक 11 टेस्ट मैचों में सिर्फ 3 जीत ही दर्ज की गई हैं।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने आलोचना करते हुए कहा कि गंभीर को चयनकर्ताओं से पूरा समर्थन मिला है, फिर भी परिणाम अपेक्षानुसार नहीं हैं। इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से पिछड़ने के बाद अब उनकी रणनीति और निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। अगला एजबेस्टन टेस्ट, जो 2 जुलाई 2025 से शुरू होगा, गंभीर के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
🔍 विशेषज्ञों की राय: कुलदीप को मौका, बुमराह को आराम?
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारत 0-1 से पीछे है। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञ माइकल क्लार्क और निक नाइट ने टीम में बदलाव की सलाह दी है। उनका मानना है कि कुलदीप यादव को शामिल करना “नो-ब्रेनर” है क्योंकि वे विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। साथ ही जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लेकर चिंता जताई गई है और उन्हें आराम देने की सलाह दी गई है।
अब देखना यह है कि गंभीर अपनी आक्रामक रणनीति पर कायम रहते हैं या हालात को देखते हुए बदलाव करते हैं।
📺 कपिल शर्मा शो में गंभीर का नया रूप
मैदान से दूर गंभीर कपिल शर्मा शो में दिखाई दिए जहाँ उन्होंने अपने गंभीर स्वभाव पर खुलकर बात की। उन्होंने हँसते हुए कहा:
“मैं गंभीर इसलिए रहता हूँ ताकि बाकी लोग मुस्कुरा सकें। मेरा गुस्सा कभी व्यक्तिगत नहीं होता – वह देश के लिए होता है।”
यह एपिसोड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और प्रशंसकों को उनके व्यक्तित्व का एक अलग पक्ष देखने को मिला।
📈 गंभीर का कोचिंग सफर
फॉर्मेट | कुल मैच | जीत | हार | मुख्य उपलब्धि |
---|---|---|---|---|
टेस्ट क्रिकेट | 11 | 3 | 7 | बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीत |
व्हाइट-बॉल | 22 | 17 | 5 | आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 विजेता |
🧠 आगे क्या?
एजबेस्टन टेस्ट गंभीर के कोचिंग करियर के लिए निर्णायक हो सकता है। चयन, खिलाड़ी प्रबंधन और रणनीति पर पैनी नजर रहेगी। प्रशंसकों और आलोचकों को अब परिणाम चाहिए।
आने वाले हफ्ते यह तय करेंगे कि गंभीर एक सफल टेस्ट कोच बनते हैं या फिर उनकी आक्रामक शैली पर सवाल और बढ़ते हैं।
🏁 निष्कर्ष
गौतम गंभीर का कोचिंग सफर अब एक निर्णायक मोड़ पर है। एक तरफ व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उन्होंने बड़ी सफलता पाई है, वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि वह अपनी रणनीति बदलते हैं या उसी जुनून के साथ अगली चुनौती का सामना करते हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज और गौतम गंभीर की कोचिंग से जुड़ी हर अपडेट के लिए जुड़े रहें।