रवींद्र जडेजा ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। वे ऐसे पहले खिलाड़ी बने हैं जिन्होंने टूर्नामेंट में 2000 से ज्यादा रन और 100 से अधिक विकेट लिए हैं।
भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने WTC के तहत 2000 से अधिक रन और 100 से अधिक विकेट लेकर ऐसा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। यह कारनामा उन्होंने 3 जुलाई 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ एडजबसन टेस्ट के दौरान 89 रनों की पारी खेलते हुए किया।
ऐतिहासिक आंकड़े जो जडेजा को महान बनाते हैं
- WTC में 2000+ रन (41 टेस्ट में)
- 132 विकेट अब तक (2025 की दूसरी इंग्लैंड टेस्ट तक)
- 3 शतक और 13 अर्धशतक
- बॉलिंग एवरेज – 24.15 | बैटिंग एवरेज – 38.7
ऑलराउंडर की परिभाषा बदल दी
रवींद्र जडेजा की यह उपलब्धि उन्हें केवल एक बेहतरीन ऑलराउंडर नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट ऑलराउंडर्स में शामिल करती है। जहां अन्य खिलाड़ी एक ही विभाग में महारत रखते हैं, वहीं जडेजा ने गेंद और बल्ले दोनों से भारत को कई मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है।
क्यों है यह रिकॉर्ड खास?
अब तक कोई भी खिलाड़ी WTC के इतिहास में दोनों आंकड़ों को पार नहीं कर सका था। 2019 में WTC की शुरुआत के बाद से जडेजा ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
सोशल मीडिया और दिग्गजों की प्रतिक्रिया
जडेजा की इस रिकॉर्डतोड़ परफॉर्मेंस पर सोशल मीडिया पर फैंस और क्रिकेट दिग्गजों ने जमकर तारीफ की है। पूर्व कप्तान विराट कोहली ने ट्वीट कर कहा, “This is what greatness looks like!” वहीं सचिन तेंदुलकर ने लिखा – “जडेजा जैसा ऑलराउंडर हर दौर में दुर्लभ होता है।”
भविष्य के लिए क्या संकेत?
जडेजा की इस कामयाबी से यह साफ है कि भारत को एक ऐसा खिलाड़ी मिला है जो अगले कुछ वर्षों तक टेस्ट क्रिकेट में बैलेंस बनाए रखने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही, ये आंकड़े उन्हें ICC के हॉल ऑफ फेम की ओर भी अग्रसर कर सकते हैं।
निष्कर्ष: रवींद्र जडेजा ने केवल एक रिकॉर्ड नहीं तोड़ा, बल्कि एक मिसाल कायम की है। WTC में 2000+ रन और 100+ विकेट का संयोजन इस बात का प्रमाण है कि वह आधुनिक युग के सबसे प्रभावशाली टेस्ट ऑलराउंडर हैं।